
कृष्ण और रुक्मिणी: रुक्मिणी के हृदय में कृष्ण और जरासंध की प्रतिशोध-तैयारी
कंस के वध का समाचार विदर्भ पहुँचा, तो रुक्मी ने कृष्ण को ग्वाला कहा, पर रुक्मिणी ने साफ कहा कि कृष्ण मथुरा के राजवंश से हैं। उसी दिन से कृष्ण रुक्मिणी के हृदय के नायक बन गए, जबकि जरासंध प्रतिशोध की नई तैयारी में जुट गया। पढ़ें पूरी कथा।
अध्याय 41: पूरी कथा पढ़ें →






