श्रीकृष्ण बाल लीलाएँ पुस्तक कवर

श्रीकृष्ण बाल लीलाएँ

गोकुल की मधुर कथाएँ

बाल कृष्ण की शरारतों, माखन चोरी, माता यशोदा के प्रेम और गोकुल की दिव्य लीलाओं की सरल हिंदी कथाएँ पढ़ें।

इस पुस्तक की हिंदी कथाएँ

नटखट कृष्ण: माखन चोरी और मुँह में ब्रह्मांड की कथा का चित्र

नटखट कृष्ण: माखन चोरी और मुँह में ब्रह्मांड की कथा

बचपन में कृष्ण और बलराम अपने मित्रों के साथ गोकुल में माखन चुराते थे। एक दिन मिट्टी खाने के आरोप पर यशोदा ने कृष्ण का मुँह खुलवाया तो उसमें पूरा ब्रह्मांड दिखाई दिया। पढ़ें पूरी कथा।

अध्याय 9: पूरी कथा पढ़ें →
रस्सी की कहानी: यशोदा ने कृष्ण को ऊखल से क्यों बाँधा का चित्र

रस्सी की कहानी: यशोदा ने कृष्ण को ऊखल से क्यों बाँधा

त्योहार की तैयारी के बीच कृष्ण ने माखन के सारे बर्तन तोड़ दिए तो यशोदा उन्हें ऊखल से बाँधने लगीं। पर रस्सी हर बार दो इंच छोटी पड़ गई। पढ़ें पूरी कथा।

अध्याय 10: पूरी कथा पढ़ें →
कुबेर के पुत्र: नलकुबेर और मणिग्रीव की शाप-मुक्ति की कथा का चित्र

कुबेर के पुत्र: नलकुबेर और मणिग्रीव की शाप-मुक्ति की कथा

नारद मुनि के शाप से कुबेर के दोनों पुत्र नलकुबेर और मणिग्रीव गोकुल में अर्जुन के वृक्ष बन गए थे। बालकृष्ण ऊखल खींचते हुए उन वृक्षों के बीच से निकले और दोनों को शाप से मुक्त कर दिया। पढ़ें पूरी कथा।

अध्याय 11: पूरी कथा पढ़ें →
फलों की टोकरी: बालकृष्ण और फलवाली की कथा का चित्र

फलों की टोकरी: बालकृष्ण और फलवाली की कथा

बालकृष्ण ने मुट्ठी भर चावल देकर एक फलवाली से फल माँगे। स्नेह से भरी स्त्री ने उन्हें फल दे दिए, और कृष्ण के स्पर्श से उसकी टोकरी हीरे-जवाहरातों से भर गई। पढ़ें पूरी कथा।

अध्याय 12: पूरी कथा पढ़ें →
वृंदावन में बसना: गोकुल छोड़कर नए घर की ओर का चित्र

वृंदावन में बसना: गोकुल छोड़कर नए घर की ओर

कंस के दानवों के बार-बार आक्रमण से गोकुल असुरक्षित हो गया। बड़े-बूढ़ों की बैठक में नंद के प्रस्ताव पर सभी गोकुलवासी रातोंरात यमुना तट पर बसे सुंदर वृंदावन की ओर चल पड़े। पढ़ें पूरी कथा।

अध्याय 13: पूरी कथा पढ़ें →
वृंदावन का जीवन: गौएँ चराते कृष्ण, बलराम और बाँसुरी की तान का चित्र

वृंदावन का जीवन: गौएँ चराते कृष्ण, बलराम और बाँसुरी की तान

वृंदावन में कृष्ण और बलराम अपने साथी ग्वालों के साथ रोज गौएँ चराने जाने लगे। मिल-बाँटकर भोजन, छिपाछिपी और कृष्ण की मोहक बाँसुरी ने वृंदावन के जीवन को आनंद से भर दिया। पढ़ें पूरी कथा।

अध्याय 14: पूरी कथा पढ़ें →
वत्सासुर वध: बछड़े का रूप धरकर आए राक्षस का अंत का चित्र

वत्सासुर वध: बछड़े का रूप धरकर आए राक्षस का अंत

कंस ने जासूसों से कृष्ण का ठिकाना जान लिया और बछड़े का रूप धरने वाले राक्षस वत्सासुर को वृंदावन भेजा। कृष्ण ने उसकी असलियत पहचान ली और उसे पेड़ पर पटककर मार डाला। पढ़ें पूरी कथा।

अध्याय 15: पूरी कथा पढ़ें →
बकासुर वध: पूतना के भाई का दैत्याकार बगुले के रूप में अंत का चित्र

बकासुर वध: पूतना के भाई का दैत्याकार बगुले के रूप में अंत

पूतना के भाई बकासुर ने बहन की मृत्यु का बदला लेने के लिए दैत्याकार बगुले का रूप धरा और यमुना तट पर कृष्ण की प्रतीक्षा करने लगा। कृष्ण ने उसकी चोंच चीरकर उसका अंत कर दिया। पढ़ें पूरी कथा।

अध्याय 16: पूरी कथा पढ़ें →